बाजार में जल्द आएगा 200 रुपए का नोट, जानें इससे जुड़ी 5 खास बातें

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बाजार में इस वर्ष के अंत तक 200 रुपये का नया नोट आ जाएगा। इससे छोटे नोट की कमी दूर हो जाएगी

नई दिल्ली (जेएनएन)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पांच महीने पहले से ही 2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी है। बैंक अब छोटे नोटों की छपाई पर जोर दे रहा है। इसके तहत आरबीआई के मैसूर प्रेस में 200 रुपये के नोटों की छपाई शुरू भी हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले महीने करीब एक अरब रुपये मूल्य के 200 रुपए के नोट बाजार में आने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की होशंगाबाद स्थित प्रेस यूनिट में सैंपल नोट की क्वालिटी और सिक्युरिटी फीचर चेक होने के बाद इन नोटों को कर्नाटक स्थित मैसूर और पश्चिम बंगाल स्थित सालबनी में आरबीआई की प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रण के लिए भेज दिया गया है।

इसके अलावा 500 रुपए के नोट की छपाई भी बढ़ा दी गई है। जब 200 रुपए का नोट बाजार में आएगा तो यह छोटे नोट की कमी को दूर कर देगा।

जानिए 200 रुपये के नोट से जुड़ी 5 बातें-

बैंक के पास अधिक मात्रा में नकदी-
एक एटीएम मशीन में औसतन 10,000 के नोट होते हैं। अगर हम मान लें कि एटीएम में केवल 100 रुपये के ही नोट है तो इनकी संख्या और आपूर्ति बढ़ जाती है। मसलन, एटीएम मशीन में करीब 25000 करोड़ की अतिरिक्त नकदी पड़ी हुई है।

छोटे नोटों की किल्लत होगी दूर-
200 रुपये के नए नोट बाजार में आने से न सिर्फ रोजमर्रा के लेन देन में आसानी होगी बल्कि अतिरिक्त मांग और छोटे गुणांक के नोटों की सप्लाई में एक बैलेंस बनेगा।

सुरक्षा और निकासी:
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी बातें भी सामने आई हैं कि जहां इस बात का जिक्र किया गया है कि देश में नकली नोटों पर रोकथाम लगाने के लिए एडवांस फीचर वाले नोट जारी किए जाएंगे। साथ ही आरबीआई के पास एक प्रस्ताव भेजा गया है और सुझाव के अनुसार इन 200 रुपए के नोटों को बाजार में एटीएम के जरिए नहीं लाया जाएगा। ये नोट सीधे तौर पर बैंक की शाखाओं से मिलेगें। ऐसा करने से 2000 के नए नोट के बाजार में आने पर जो मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, उनसे बचा जाएगा।

कब तक आएंगे 200 रुपये के नए नोट-
उम्मीद की जा रही है कि 200 रुपये का नया नोट जल्द ही बाजार में आ जाएगा। साथ ही आरबीआई ने इनकी छपाई भी शुरू कर दी है।

और क्या है खास-
आपको बता दें कि एक रुपये का नया नोट भी प्रक्रिया में है। इसे जल्द की फिर से जारी किया जाएगा। 1 रुपए के नोट की छपाई का काम साल 1994 में रोक दिया गया था लेकिन साल 2015 में इसे फिर से लॉन्च कर दिया गया। एक रुपये के नोट पर आर्थिक मामलों के सचिव के हस्ताक्षर होते हैं। जबकि अन्य सभी नोटों पर आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।

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