बोलीं विदेश मंत्री, मोसुल से लापता नागरिकों के मारे जाने की पुष्‍टि नहीं

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संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से विपक्षियों का हंगामा जारी है। इस क्रम में 6 कांग्रेस सांसदों को सोमवार को बर्खास्‍त किया गया है।

नई दिल्‍ली (जेएनएन)। संसद का मानसून सत्र जारी है। मोसुल में लापता भारतीय नागरिकों की मौत से इंकार करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने बुधवार को लोकसभा में बयान दिया। विदेश मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार बनने के 20 दिन बाद यह घटना हुई। मोसुल के आसपास की तलाशी ली गई, हमें लाशें और खून के धब्बे नहीं मिले। इसलिए लापता लोगों के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।’

बिना ठोस सबूत मृत बताना पाप

पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्‍होंने आगे कहा, मैंने बार बार कहा है कि हमारा सीधा संपर्क नहीं। हरजीत की बात का ठोस सबूत नहीं मिला। मैंने 39 भारतीयों पर भ्रमित नहीं किया। विदेश मंत्री ने कहा, ‘बिना ठोस सबूत मिले किसी को मृत बताना पाप है, तलाश में मदद करने वाले देशों से प्रधानमंत्री ने बात की है। मारे जाने का सबूत नहीं मिलने तक फाइल बंद नहीं होगी।’

बिना सबूत न दें जानकारी

विदेश मंत्री ने कहा, ‘लापता लोगों के जेल में होने की बात भी नहीं की। जब जेल ढही तो क्‍या भारतीय कैदी उसमें थे, अगर कैदी मारे गए तो उनकी लाशें कहां हैं। हमें न तो कोई वीडियो मिला है और न ही कोई तस्‍वीर।  इराक के विदेश मंत्री ने मौत की बात भी नहीं मानी।’ विदेश मंत्री ने लापता भारतीय नागरिकों की तलाश जारी रखने की बात कहते हुए बताया, ‘हरजीत की बात का ठोस सबूत नहीं मिला। बिना सबूत कोई जानकारी न दें।’

करती रहूंगी तलाश

सुषमा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, मैंने सदन को गुमराह नहीं किया। गुमराह करने से मुझे या सरकार को क्‍या मिलेगा। मैंने जो किया सदन की अनुमति से किया। मैं भारतीयों की तलाश करती रहूंगी। मेरे लिए यह कहना काफी आसान था कि 39 भारतीय नागरिकों की मौत हो गयी। इसके बाद उनके परिवार समेत कहीं से भी कोई मुझसे सवाल नहीं करता। 24 नवंबर 2014 को मैंने बताया था कि सूत्रों से पता चला है कि 39 भारतीय नागरिकों में से किसी की भी मौत नहीं हुई है।

 

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